CBSE Class 10 Hindi Sparsh Part 2

CBSE Class 10 Hindi Sparsh Part 2

Chapter List

1. Kabeer - Saakhi

2. Meera - Padd

3. Bihari - Dohe

4. Mathilisharan Gupt - Manushyata

5. Sumitranandan Pant - Parvat Pradesh Ke Pawas

6. Mahadevi Verma - Madhur Madhur Mere Deepak Jal

7. Viren Dangwal - Top

8. Kaifi Azmi - Kar Chale Ham Fidaa

9. Ravindra Nath Thakur - Aatmrin

10. Premchand - Bade Bhi Sahab

11. Sitaram Seksariya - Dairy Ka Eak Panna

12. Leeladhar Mandloi - Tantara Vamiro Katha

13. Prahlad Aggarwal - Tisari Kasam Ke Shilpkar Shalendra

14. Anton Chekhav - Girgit

15. Nida Phazali - Ab Kahan Doosron Ke Dukh Se Dukhi Hone Wale

16. Ravindra Kelekar - Patjhar Ki Tooti Pattiyan

17. Habeeb Tanveer - Kartoos (Akanki)


Habeeb Tanveer - Kartoos (akanki) Class 10th Hindi स्पर्श भाग 2 CBSE Solution

Class 10th Hindi स्पर्श भाग 2 CBSE Solution
Maukhik
  1. कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो…
  2. वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में…
  3. कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों…
  4. सवार ने यह क्यों कहा कि वज़ीर अली की गिरफ्तारी बहुत मुश्किल है? निम्नलिखित प्रश्नों के…
Likhit
  1. वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी? निम्नलिखित प्रश्नों…
  2. सआदत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा? निम्नलिखित प्रश्नों के…
  3. सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था? निम्नलिखित प्रश्नों के…
  4. कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफाज़त कैसे की? निम्नलिखित प्रश्नों…
  5. सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30…
  6. लेफ्टीनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?…
  7. वजीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों…
  8. सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में)…
  9. वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे? स्पष्ट कीजिए। निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60…
  10. मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम। निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-…
  11. गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे की पूरा एक काफिला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नज़र आता…
Bhasha Adhyayan
  1. निम्नलिखित शब्दों का एक-एक पर्याय लिखिए- खिलाफ, पाक, उम्मीद, हासिल, कामयाब, वज़ीफा, नफरत,…
  2. निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाकयों में प्रयोग कीजिए- आँखों में धूल झोंकना, कूट-कूटकर भरना,…
  3. कारक वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध बताता है। निम्नलिखित वाक्यों में…
  4. क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है।…
  5. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए (क) कर्नल ने कहा सिपाहियो इस पर नज़र रखो ये…

Maukhik
Question 1.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था?


Answer:

कर्नल को संदेह था कि वजीर अली जंगल में ही कहीं छिपा होगा और इसी कारण से कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में वजीर अली पर नजर रखने और उसे गिरफ्तार करने के लिए लगा हुआ था।



Question 2.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे?


Answer:

वजीर अली हमेशा सिपाहियों की आँखों में धूल झोंकने में कामयाब हो जाता था और सिपाही उसे पकड़ने में लगातार असफल रहने के वावजूद जंगल में रहते-रहते परेशान हो चुके थे। इसलिए उससे सिपाही तंग आ चुके थे।



Question 3.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?


Answer:

कर्नल को यह आशंका थी कि संभव है सवार वजीर अली को दूत अथवा जानकार हो सकता था और इसकी मदद से वजीर अली को पकड़ा जा सकता था और इसी आशंका से कर्नल ने सवार पर नजर रखने के लिए कहा|



Question 4.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

सवार ने यह क्यों कहा कि वज़ीर अली की गिरफ्तारी बहुत मुश्किल है?


Answer:

सवार ने कहा कि वजीर अली एक जाँबाज सिपाही है, इसलिए उसे पकड़ना बहुत मुश्किल है। सवार ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह स्वयं ही वजीर अली था लेकिन अभी तक खेमे में कोई भी उसे पहचान नहीं पाया था|




Likhit
Question 1.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?


Answer:

रॉबिनहुड एक साहसी वीर था, वह किसी को कहीं भी चकमा देने में माहिर था, उसी प्रकार वज़ीर अली भी साहसी, हिम्मती व वीर व्यक्ति था । वजीर अली के दिल में अंग्रेजों के लिए बहुत नफरत थी। वह अवध से अंग्रेजों को उखाड़ फेंकने में लगभग कामयाब हो ही गया था। इसलिए उसकी बहादुरी, वीरता एवं निडरता के अफसाने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद आ जाती थी।



Question 2.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

सआदत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा?


Answer:

सआदत अली आसिफउद्दौला का भाई था और वज़ीर अली का चाचा था लेकिन कहीं न कहीं वह अपने भाई का दुश्मन भी था। आसिफउद्दौला का कोई वारिस नहीं था और अगर ऐसा ही चलता रहता तो सआदत अली गद्दी पर बैठ सकता था। लेकिन वजीर अली के जन्म लेने से उसकी इस उम्मीद पर पानी फिर गया था। इसलिए वजीर अली की पैदाइश को वह अपनी मौत समझ रहा था।



Question 3.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?


Answer:

सआदत अली को अवध के तख़्त पर बिठाने के पीछे अंग्रेजों का मूल उद्देश्य अवध की सत्ता पर कब्ज़ा करना था| सआदत अली ऐशोआराम पसंद व्यक्ति था और साथ ही सआदत अली अंग्रेज़ों का मित्र था। सआदत अली आराम से अंग्रेजों के हाथ की कठपुतली बन गया था। वह एक तय वजीफे के बदले में अपनी जायदाद अंग्रेजों को सौंप चुका था। इसलिए कर्नल ने उसे अवध के तख्त पर बिठाया था।



Question 4.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफाज़त कैसे की?


Answer:

कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वजीर अली आजमगढ़ की तरफ भागा। वहाँ आजमगढ़ के शासकों ने उसे घाघरा तक भागने में मदद की। फिर वह पास के जंगलों में छुप गया। इस तरह वजीर अली ने अपनी हिफाजत की। और उसके बाद वह गोरखपुर के जंगलों में छिपा रहा और कंपनी के खिलाफ लड़ने के लिए वह अपनी शक्ति बढ़ाता रहा|



Question 5.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया?


Answer:

वह सवार बड़ी ही निडरता से कर्नल के पास आया और कारतूस मांग कर चला गया। जिस सवार को वह साधारण-सा सिपाही समझ रहा था और उसकी सहायता से वह वज़ीर अली को गिरफ्रतार करने का सपना देख रहा था। जाते-जाते जब उसने अपना परिचय वजीर अली के रूप में दिया तो कर्नल को उसके साहस कि वह स्वयं अपनी जान को जोखिम में डालकर अंग्रेजों के बीच आया और अंग्रेज सेना उसे पकड़ नहीं सकी| कर्नल उसके साहस को देखकर हक्का बक्का रह गया।



Question 6.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

लेफ्टीनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?


Answer:

लेफ्टीनेंट को कर्नल से पता चला कि वज़ीर अली के अलावा अन्य लोग भी इसी प्रकार विद्रोह करने की योजना बना रहे हैं। दक्षिण में टीपू सुल्तान और बंगाल के नवाब का भाई शमसुद्दौला भी उनके खिलाफ है। कर्नल ने लेफ़्टीनेंट को बताया कि किस तरह से विभिन्न प्रांतों के नवाबों ने अफगानिस्तान के शासक को अंग्रेजों पर हमला करने के लिए निमंत्रण दिया हुआ है। इससे पता चला कि भारत के एक बड़े हिस्से में अंग्रेजों के खिलाफ भावना भड़की हुई थी। इसलिए लेफ्टीनेंट को ऐसा लगा कि कंपनी के खिलाफ सारे हिंदुस्तान में एक लहर सी दौड़ गई है।



Question 7.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

वजीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?


Answer:

वजीर अली को बनारस पहुँचाने के बाद अंग्रेजों ने उसे तीन लाख रुपए सालाना वजीफा देना शुरु किया। बीच बीच में गवर्नर जनरल उसे कलकत्ता बुलाया करता था। इससे वजीर अली नाराज था। उसने यह शिकायत कंपनी के वकील से की तो कंपनी के वकील ने उसकी शिकायत को गंभीरता से लेने के वजाय उसे बुरा भला कहा। इससे वज़ीर अली के स्वाभिमान को गहरा धक्का लगा । दूसरा वज़ीर अली कंपनी सरकार से नफरत करता था । इन दोनों कारणों के जुड़ जाने से वज़ीर अली ने वकील का कत्ल कर दिया। यही सब बातें वजीर अली के द्वारा वकील के क़त्ल के लिए जिम्मेदार थीं|



Question 8.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए?


Answer:

सवार स्वयं वज़ीर अली था। वह एक जाँबाज़ सिपाही था। जंगलों में धूल उड़ाता हुआ घोड़े पर सवार बिना किसी सिपाही के जाँबाज वज़ीर अली अकेला ही अंग्रेज़ी खेमे में आ पहुँचा। सवार बड़े आराम से कर्नल के पास गया। फिर उसने कर्नल से वहाँ छावनी लगाने का कारण पूछा। फिर उसने बताया कि उसे वजीर अली को गिरफ्तार करने के लिए कारतूस चाहिए। कर्नल और लेफ्टीनेंट ने समझा कि यह सवार उनके साथ मिलकर वज़ीर अली को गिरफ्तार करवाना चाहता है और इसमें वह उनकी मदद कर सकता है इसलिए उसे मिलने की आज्ञा दी गई। इसी मुलाकात के दौरान सवार ने कर्नल से कारतूसों की माँग की| कर्नल को लगा की सवार वजीर अली को पकड़ने में उनकी मदद कर सकता और इसीलिये कर्नल ने सवार को कारतूस दे दिए|



Question 9.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे? स्पष्ट कीजिए।


Answer:

वज़ीर अली सचमुच एक जाँबाज़ सिपाही था। वह एक बहुत हिम्मती और साहसी व्यक्ति था। उसे अपना लक्ष्य पाने के लिए जान की बाजी लगानी आती थी। जब उससे अवध की नवाबी ले ली गई तो उसने अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष करना शुरू कर दिया| उस समय वजीर अली के साथ मुट्ठी भर लोग ही थे फिर भी वह अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दे रहा था। हद तो तब हो गई जब वह अकेला जाकर कर्नल से कारतूस भी ले आया। वहाँ भी निडर होकर अंग्रेजों के कैंप में घुस गया था। उसे अपनी जान की भी परवाह नहीं थी। उसके जाँबाज़ सिपाही होने का परिचय उस घटना से मिलता है जब वह अंग्रेजों के कैंप में घुसकर कारतूस लेने में सफल हो जाता है तथा कर्नल उसे देखता रह जाता है। इससे पता चलता है कि वजीर अली एक जाँबाज सिपाही था।



Question 10.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम।


Answer:

कर्नल कई सालों से अपनी पूरी फौज साथ वजीर अली का पीछा कर रहा था। उसने अनेक बार अली को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह सफल न हुआ और वजीर अली उसके हाथ नहीं आ रहा था। अली की आज़ादी अंग्रेज़ों के लिए सबसे बड़ा खतरा था, क्योंकि चंद सेनिकों के साथ भी वह अंग्रेज़ों का सिरदर्द बन गया था। इसलिए कर्नल ने कहा, ‘मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम।‘ वह एक तरह से वजीर अली की बहादुरी से बहुत प्रभावित और उसकी प्रशंसा में उसने ऐसी बात कही|



Question 11.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे की पूरा एक काफिला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नज़र आता है।


Answer:

यह कथन अंग्रेज़ों की फौज़ के लेफ़्टीनेंट का है। वज़ीर अली अकेला ही पूरे काफ़िले के समान था। वह तूफान की तरह शक्तिशाली और गतिशील था। उसके घोड़े की टापों से उड़ने वाली धूल ऐसा आभास देती थी मानो पूरी फौज़ चली आ रही है। सिपाही ने जब बहुत ज्यादा धूल उड़ते देखी तो उसे लगा की कोई बड़ी फौज आ रही होगी लेकिन गौर से देखने पर पता चला कि एक अकेला सवार आ रहा था। सवार का घोड़ा तेजी से टाप भर रहा था इसलिए अत्यधिक धूल उड़ा रहा था। इस वाक्य से आने वाले सवार के व्यक्तित्व की महानता की झलक मिलती है जो अकेले होते हुए भी अकेला नहीं दिखता। यह सवार वज़ीर अली था जिसका पता किसी को न चला।




Bhasha Adhyayan
Question 1.

निम्नलिखित शब्दों का एक-एक पर्याय लिखिए-

खिलाफ, पाक, उम्मीद, हासिल, कामयाब, वज़ीफा, नफरत, हमला, इंतेजार, मुमकिन


Answer:



Question 2.

निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाकयों में प्रयोग कीजिए-

आँखों में धूल झोंकना, कूट-कूटकर भरना, काम तमाम कर देना, जान बख्श देना, हक्का-बक्का रह जाना ।


Answer:

क. आँखों में धूल झोंकना- चोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भाग गया।


ख. कूट-कूटकर भरना- स्वतंत्रता सेनानियों में देशभक्ति की भावना कूट-कूटकर भरी हुई थी।


ग. काम तमाम कर देना- मौका पाते ही शिकारी ने शेर का काम तमाम कर दिया।


घ. जान बख्श देना- महात्मा अपने प्रति दुर्व्यवहार करने वालों की भी जान बख्श देते हैं।


च. हक्का-बक्का रह जाना- भरत को शेर के साथ खेलते देखकर दुष्यंत हक्का-बक्का रह गए।



Question 3.

कारक वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध बताता है। निम्नलिखित वाक्यों में कारकों को रेखांकित कर उनके नाम लिखिए-

(क) जंगल की जिंदगी बड़ी खतरनाक होती है।

(ख) कंपनी के खिलाफ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई।

(ग) वज़ीर कोउसके पद से हटा दिया गया ।

(घ) फौज के लिए कारतूस की आवश्सकता थी ।

(ड-) सिपाही घोड़े पर सवार था ।


Answer:

(क) संबंध कारक


(ख) संबंध कारक, अधिकरण कारक


(ग) कर्म कारक, संबंध कारक, अपादान कारक


(घ) संप्रदान कारक, संबंध कारक


(ड-) अधिकरण कारक



Question 4.

क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं। क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;

जैसे-सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)

सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)

कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)

अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म में से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-

(क) घोड़ा पानी पी रहा था।

(ख) बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।

(ग) रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था ।

(घ) देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे|


Answer:

(क) घोड़े ने पानी पीना जारी रखा।


(ख) बच्चों ने दशहरे का मेला देखने के लिए प्रस्थान किया|


(ग) रॉबिनहुड ने गरीबों की मदद की।


(घ) देशभर के लोगों ने उसकी प्रशंसा की।



Question 5.

निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए

(क) कर्नल ने कहा सिपाहियो इस पर नज़र रखो ये किस तरफ जा रहा है।

(ख) सवार ने पूछा आपने इस मकाम पर क्यों खेमा डाला है इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है।

(ग) खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बातें कर रहे थे चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे एक व्यक्ति कह रहा था दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है।


Answer:

(क) कर्नल ने कहा-“सिपाहियो! इस पर नज़र रखो, ये किस तरफ जा रहा है?”


(ख) सवार ने पूछा-“आपने इस मकाम पर क्यों खेमा डोला है? इतने लावलश्कर की क्या जरूरत है?”


(ग) खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बाते कर रहे थे। चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे। एक व्यक्ति कह रहा था-“दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है।”


Ravindra Kelekar - Patjhar Ki Tooti Pattiyan Class 10th Hindi स्पर्श भाग 2 CBSE Solution

Class 10th Hindi स्पर्श भाग 2 CBSE Solution
Maukhik
  1. शुद्ध सोना और गिन्नी का सोना अलग क्यों होता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो…
  2. प्रैक्टिकल आइडियलिस्ट किसे कहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में…
  3. पाठ के संदर्भ में शुद्ध आदर्श क्या है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में…
  4. लेखक ने जापानियों के दिमाग में ‘स्पीड’ का इंजन लगने की बात क्यों कही है? निम्नलिखित…
  5. जापानी में चाय पीने की विधि को क्या कहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों…
  6. जापान में जहाँ चाय पिलाई जाती है, उस स्थान की क्या विशेषता है? निम्नलिखित प्रश्नों के…
Likhit
  1. शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है? निम्नलिखित…
  2. चाजीन ने कौन-सी क्रियाएँ गरिमापूर्ण ढंग से पूरी कीं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30…
  3. ‘टी-सेरेमनी’ में कितने आदमियों को प्रवेश दिया जाता था और क्यों? निम्नलिखित प्रश्नों के…
  4. चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या परिवर्तन महसूस किया? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर…
  5. गांधी जी में नेतृत्व की अद्भुत क्षमता थी; उदाहरण सहित इस बात की पुष्टि कीजिए। निम्नलिखित…
  6. आपके विचार में कौन-से ऐसे मूल्य हैं जो शाश्वत हैं? वर्तमान समय में इन मूल्यों की…
  7. अपने जीवन की किसी घटना का उल्लेख कीजिए जब- (1) शुद्ध आदर्श से आपको हानि-लाभ हुआ हो। (2)…
  8. ‘शुद्ध सोने में ताँबे की मिलावट या ताँबे में सोना’, गाँधी जी के आदर्श और व्यवहार में यह…
  9. ‘गिरगिट’ कहानी में आपने समाज में व्याप्त अवसरानुसार अपने व्यवहार को पल-पल में बदल डालने की…
  10. लेखक के मित्र ने मानसिक रोग के क्या-क्या कारण बताए? आप इन कारणों से कहाँ तक सहमत हैं?…
  11. लेखक के अनुसार सत्य केवल वर्तमान है, उसी में जीना चाहिए। लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा?…
  12. समाज के पास अगर शाश्वत मूल्यों जैसा कुछ है तो वह आदर्शवादी लोगों का ही दिया हुआ है।…
  13. जब व्यावहारिकता का बखान होने लगता है तब ‘प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों’ के जीवन से आदर्श…
  14. हमारे जीवन की रफ़्तार बढ़ गई है। यहाँ कोई चलता नहीं बल्कि दौड़ता है। कोई बोलता नहीं, बकता…
  15. सभी क्रियाएँ इतनी गरिमापूर्ण ढंग से कीं कि उसकी हर भंगिमा से लगता था मानो जयजयवंती के सुर…
Bhasha Adhyayan
  1. नीचे दिए गए शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए- व्यावहारिकता, आदर्श, सूझबूझ,विलक्षण,शाश्वत।…
  2. ‘लाभ-हानि’ का विग्रह इस प्रकार होगा-लाभ और हानि- यहाँ द्वंद्व समास है जिसमें दोनों पद…
  3. नीचे दिए गए विशेषण शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनाइए-
  4. नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित अंश पर ध्यान दीजिए और अर्थ को समझिए- (क) शुद्ध सोना अलग है।…
  5. नीचे दिए गए वाक्यों को संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए- (क) 1- अँगीठी सुलगायी। 2- उस पर…
  6. नीचे दिए गए वाक्यों से मिश्र वाक्य बनाइए- (क) 1- चाय पीने की यह एक विधी है। 2- जापानी में…

Maukhik
Question 1.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

शुद्ध सोना और गिन्नी का सोना अलग क्यों होता है?


Answer:

शुद्ध सोने में कोई मिलावट नहीं होती, लेकिन गिन्नी के सोने में ताँबा मिला होता है। शुद्ध सोने की तुलना में गिन्नी का सोना अधिक मजबूत और उपयोगी होता है।



Question 2.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

प्रैक्टिकल आइडियलिस्ट किसे कहते हैं?


Answer:

जो लोग शुद्ध आदर्श में थोड़ी व्यावहारिकता मिलाकर काम चलाते हैं, उन्हें प्रैक्टिकल आइडियलिस्ट कहते हैं। इनका समाज पर गलत असर पड़ता है और ये लोग केवल अपने हानी-लाभ के बारे में सोचते हैं। ऐसे में समाज का स्तर गिर जाता है।



Question 3.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

पाठ के संदर्भ में शुद्ध आदर्श क्या है?


Answer:

शुद्ध आदर्श वैसा आचार विचार है जिसने इसका पालन करने वालों का उत्थान तो किया ही है साथ में अन्य लोगों का भी उत्थान किया है। जिसमें पूरे समाज की भलाई छिपी हुई हो तथा जो समाज के शाश्वत मूल्यों को बनाए रखने में सक्षम हो, वही शुद्ध आदर्श है।



Question 4.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

लेखक ने जापानियों के दिमाग में ‘स्पीड’ का इंजन लगने की बात क्यों कही है?


Answer:

जापानियों ने अमेरिका से प्रतिस्पर्धा के चक्कर में अपने दिमाग को और तेज दौड़ाना शुरु कर दिया ताकि जापान हर मामले में अमेरिका से आगे निकल सके। इसलिए लेखक ने जापानियों के दिमाग में ‘स्पीड’ का इंजन लगने की बात कही है।



Question 5.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

जापानी में चाय पीने की विधि को क्या कहते हैं?


Answer:

जापानी में चाय पीने की विधी को चा-नो-यू कहते हैं, जिसका अर्थ है-‘टी सेरेमनी’ और चाय पिलाने वाला ‘चाजीन’ कहलाता है।



Question 6.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

जापान में जहाँ चाय पिलाई जाती है, उस स्थान की क्या विशेषता है?


Answer:

जापान में जहाँ चाय पिलाई जाती है वहाँ गजब की शांति होती है। माहौल इतना शांत होता है कि पानी के खलबलाने की आवाज भी सुनाई देती है।




Likhit
Question 1.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है?


Answer:

शुद्ध सोना बहुत कीमती होता है। ताँबे के साथ मिलकर यह ताँबे के महत्व को बढ़ा देता है जबकी दूसरी ओर ताँबा सोने की कीमत को घटा देता है। शुद्ध आदर्श जब व्यावहारिकता के साथ मिलता है तो इससे व्यावहारिकता की कीमत बढ़ जाती है लेकिन व्यावहारिकता अकेले उतनी प्रभावी नही होती जैसे की अकेले ताँबा उतना प्रभावी नहीं होता| इसलिए शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से की गई है।



Question 2.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

चाजीन ने कौन-सी क्रियाएँ गरिमापूर्ण ढंग से पूरी कीं?


Answer:

चाजीन ने टी-सेरेमनी से जुड़ी सभी क्रियाएँ गरिमापूर्ण ढंग से की। यह सेरेमनी एक पर्णकुटी में पूर्ण हुई। चाजीन ने बड़े अदब से मेहमानों का स्वागत किया और उन्हें बैठने की जगह दिखाई। फिर उसने अंगीठी जलाई और उसपर चायदानी रखी। इसके बाद उसने बरतनों को चमकाया। यह सारी क्रियाएँ उसने गरिमापूर्ण ढ़ंग से पूरी की।



Question 3.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

टी-सेरेमनी’ में कितने आदमियों को प्रवेश दिया जाता था और क्यों?


Answer:

टी सेरेमनी’ में केवल तीन आदमियों को प्रवेश दिया था इसके पीछे कारण यह था कि एक तो यह स्थान बहुत छोटा होता है दूसरा इस सेरेमनी का उद्देश है-शांतिमय वातावरण में वाक्य विताना होता है| टी सेरेमनी में शांति का अत्यधिक महत्व होता है। अधिक आदमियों के आने से शांति के स्थान पर अशांति का माहौल बन सकता है, इसलिए तीन से अधिक आदमियों को यहाँ प्रवेश नहीं दिया जा सकता।



Question 4.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

चाय पीने के बाद लेखक ने स्वयं में क्या परिवर्तन महसूस किया?


Answer:

चाय पीने के बाद लेखक ने महसूस किया कि जैसे उसके दिमाग की गति मंद हो गई हो। उसे लगा कि उसके दिमाग की रफ्तार बंद हो चुकी थी। उसे लगा कि मानों वह अनंतकाल से जी रहा है। वह भूत और भविष्य दोनों का चिंतन न करके वर्तमान में जी रहा हो। उसे वह पल सुखद लगने लगे।



Question 5.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

गांधी जी में नेतृत्व की अद्भुत क्षमता थी; उदाहरण सहित इस बात की पुष्टि कीजिए।


Answer:

गांधी जी में नेतृत्व की अदभुत क्षमता थी। वे सभी लोगों को साथ लेकर चलते थे। वे अपने आदर्शों में व्यावहारिकता को नहीं मिलने देते थे, बल्कि व्यावहारिकता में आदर्श मिलाते थे। गांधीजी ने अफ्रीका में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लोगों को इकट्ठा किया था। जब वे भारत आए थे तब तक स्वाधीनता संग्राम की लहर पूरे भारत में नहीं फैल पाई थी। गांधीजी के अथक प्रयासों के कारण पूरे भारत की जनता उनके साथ हो गई थी। असहयोग आंदोलन और नमक आंदोलन की अपार सफलता से पता चलता है कि उनमें नेतृत्व की अद्भुत क्षमता थी। और इसी अदभुत क्षमता के बल पर उन्होंने भारत को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई|



Question 6.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

आपके विचार में कौन-से ऐसे मूल्य हैं जो शाश्वत हैं? वर्तमान समय में इन मूल्यों की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।


Answer:

आज व्यावहारिकता का जो स्तर है, उसमें आदर्शों का पालन नितांत आवश्यक है। व्यवहार और आदर्श दोनों का संतुलन व्यक्तिव के लिए आवश्यक है। आज की कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली जिंदगी में अधिकतर लोगों को ऐसा लगने लगा हि की आज आदर्श बेमानी हो गए हैं और व्यावहारिकता ही हमें जीत की तरफ ले जा सकती है। लेकिन जो लोग वाकई सफलता के शिखर पर पहुँचे हैं, उनके उदाहरण से हम देख सकते हैं कि आदर्श का आज भी उतना ही महत्व है जितना पहले था।

शाश्वत मूल्य ऐसे मूल्य होते हैं जो पैराणिक समय से चले आ रहे हैं, वर्तमान में भी प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी उतने ही प्रासंगिक रहेंगे, ऐसे मूल्य शाश्वत मूल्य कहलाते हैं|



Question 7.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

अपने जीवन की किसी घटना का उल्लेख कीजिए जब-

(1) शुद्ध आदर्श से आपको हानि-लाभ हुआ हो।

(2) शुद्ध आदर्श में व्यावहारिकता का पुट देने से लाभ हुआ हो।


Answer:

(1) एक बार मैंने फुटपाथ पर बैठे एक भूखे बच्चे को अपना टिफिन दे दिया था। उस दिन मुझे भूखा रहना पड़ा और शुरू में ऐसा लगा कि मुझे इससे हानि हुई लेकिन अंदर से एक असीम सी संतुष्टि का अहसास हुआ। मुझे लगा कि मुझे अपना भोजन दूसरे को देकर लाभ ही हुआ।

(2) मुझे हमेशा से पसंद है कि जब मैं नई क्लास में जाऊँ तो मेरे लिए नई किताबें खरीदी जाएं। लेकिन कक्षा 9 में प्रवेश के समय मुझे एक मित्र की पुरानी किताबें आधे दाम पर मिल गईं। मुझे कुछ अच्छा नहीं लगा, लेकिन बचत करने के खयाल से मैंने उसकी सारी किताबें खरीद लीं। इससे मुझे फायदा हुआ।



Question 8.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

‘शुद्ध सोने में ताँबे की मिलावट या ताँबे में सोना’, गाँधी जी के आदर्श और व्यवहार में यह बात किस तरह झलकती है? स्पष्ट कीजिए।


Answer:

गांधीजी ताँबे में सोना मिलाने वाले इंसान थे। इससे वे ताँबे की कीमत बढ़ा देते थे। वे व्यावहारिकता में आदर्शों को मिलाते थे। इसे समझने के लिए हम नमक आंदोलन का उदाहरण ले सकते हैं। आंदोलन का उद्देश्य था अंग्रजों को यहाँ की जनता की ताकत दिखाना। नमक एक मामूली सी चीज है लेकिन इसे हिंदुस्तान का हर आदमी अपनी जिंदगी में प्रतिदिन इस्तेमाल करता है। इससे हिंदुस्तान का हर अमीर गरीब प्रभावित होता है। नमक जैसी मामूली चीज को गांधीजी ने अपना हथियार बना लिया। जो अंग्रेज पहले गांधीजी के नमक आंदोलन की योजना पर हँस रहे थे, वे उस आंदोलन की सफलता को देखकर गांधीजी का लोहा मान गए थे। इससे उनके आम व्यक्तियों के जीवन में व्यावहारिकता के महत्त्व का पता चलता है|



Question 9.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

गिरगिट’ कहानी में आपने समाज में व्याप्त अवसरानुसार अपने व्यवहार को पल-पल में बदल डालने की एक बानगी देखी। इस पाठ के अंश ‘गिन्नी का सोना’ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि ‘आदर्शवादिता’ और ‘व्यावहारिकता’ इनमें से जीवन में किसका महत्व है?


Answer:

जीवन में आदर्शवादिता और व्यावहारिकता दोनों का महत्व है। ‘व्यावहारिकता’ हमें अवसरवादिता का पाठ पढ़ाती है। अवसरवादी व्यक्ति सदा अपना हित देखता है। वह प्रत्येक कार्य अपना लाभ-हानि देखकर ही करता है। व्यावहारिक लोग अपने स्वार्थ के लिए किसी से भी समझौता कर लेते हैं। लेकिन प्रैक्टिकल आइडियलिस्ट की तरह हमें व्यावहारिकता में आदर्शवादिता मिलाने से बचना चाहिए। इसकी जगह हमें गांधीजी की तरह व्यावहारिकता में आदर्शवादिता मिलाने की सीख लेनी चाहिए।



Question 10.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

लेखक के मित्र ने मानसिक रोग के क्या-क्या कारण बताए? आप इन कारणों से कहाँ तक सहमत हैं?


Answer:

लेखक के मित्र ने भागदौड़ भरी जिंदगी को मानसिक रोग का कारण बताया। यह बात सही है कि लोग आजकल चल नहीं रहे हैं, बल्कि भाग रहे हैं। आप किसी भी शहर की सड़कों पर सुबह 9 बजे नजर डालिए तो पता लगेगा कि हर कोई कहीं न कहीं भाग रहा है। लोग अत्यधिक तनाव में होने की वजह से बात बात पर झल्लाने लगते हैं। रोज-रोज की उत्तरजीविता के दवाब के कारण मानसिक रोग का खतरा बढ़ गया है। शरीर और मन मशीन की तरह कार्य नहीं कर सकते और यदि उन्हें ऐसा करने के लिए विवश किया गया तो उनका मानसिक संतुलन बिगड़ जाना अवश्यंभावी है।



Question 11.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

लेखक के अनुसार सत्य केवल वर्तमान है, उसी में जीना चाहिए। लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा? स्पष्ट कीजिए।


Answer:

लेखक का कहना है कि हमारा भूतकाल सत्य नहीं है, क्योंकि वह बीत चुका है। भागे हुए साँप की लकीर पर लाठी पीटने से कोई फायदा नहीं होता है। लेखक का कहना है कि भविष्य तो अनिश्चित है, इसलिए उसके बारे में तनाव पालने से भी कोई लाभ नहीं होता है। वर्तमान में जीना सीखने से ही सही सुख मिलता है क्योंकि वर्तमान ही शाश्वत है| वर्तमान पर हम बहुत हद तक नियंत्रण कर सकते हैं और वर्तमान के सुख दुख की पूरी-पूरी अनुभूति भी कर सकते हैं।



Question 12.

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

समाज के पास अगर शाश्वत मूल्यों जैसा कुछ है तो वह आदर्शवादी लोगों का ही दिया हुआ है।


Answer:

आदर्श एवं मूल्यों का परस्पर घनिष्ठ संबंध होता है। आदर्श के बिना मूल्य और मूल्यों के बिना आदर्श की कल्पना करना संभव नहीं है। आदर्शवादी लोग कभी भी अपने बारे में नहीं सोचते हैं। वे हमेशा दूसरों को ऊपर उठाने की कोशिश करते हैं। इस प्रक्रिया में उनका कद भी ऊँचा हो जाता है और पूरे समाज को दीर्घकालीन लाभ होता है। व्यावहारिक लोग तो केवल अपने मतलब की बात करते हैं, जिससे समाज का कोई भला नहीं होता। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि समाज के पास अगर शाश्वत मूल्यों जैसा कुछ है तो वह आदर्शवादी लोगों का ही दिया हुआ ही है।



Question 13.

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

जब व्यावहारिकता का बखान होने लगता है तब ‘प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों’ के जीवन से आदर्श धारे-धारे पीछे हटने लगते हैं और उनकी व्यावहारिकता सूझ-बूझ ही आगे आने लगती है।


Answer:

जब आदर्श और व्यवहार में से लोग व्यवहारिकता को प्रमुखता देने लगते हैं और आदर्शें को भूल जाते हैं तब आदर्शें पर व्यावहारिकता हावी होने लगती है। फ्प्रैक्टिकल आइडियालिस्टय लोगों के जीवन में स्वार्थ व अपनी लाभ-हानि की भावना उजागर हो जाती है। लोगों की आदत होती है कि क्षणिक सफलता के मद में वे प्रैक्टिकल आइडियलिस्टों की सराहना करने लगते हैं। इस प्रशंसा के मद में चूर होकर, प्रैक्टिकल आइडियलिस्ट धीरे-धीरे आदर्शों से दूर होने लगते हैं। एक समय आता है जब केवल उनकी व्यावहारिक बुद्धि ही दिखती है और वे धीरे-धीरे आदर्शों से पूर्णतः दूर होते चले जाते हैं|



Question 14.

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

हमारे जीवन की रफ़्तार बढ़ गई है। यहाँ कोई चलता नहीं बल्कि दौड़ता है। कोई बोलता नहीं, बकता है। हम जब अकेले पड़ते हैं तब अपने आपसे लगातार बड़बड़ाते रहते हैं।


Answer:

यह टिप्पणी आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी के बारे में है। आप किसी भी शहर की सड़कों पर सुबह 9 बजे नजर डालिए तो पता लगेगा कि हर कोई कहीं न कहीं भाग रहा है। लोग अत्यधिक तनाव में होने की वजह से बात-बात पर झल्लाने लगते हैं। लेखक जापानियों की मनोदशा का वर्णन करते हुए कहते हैं कि जापान के लोगों के जीवन की गति इतनी तीव्र हो गई है कि यहाँ लोग सामान्य जीवन जीने की बजाए जीवन की तीव्र गति की वजह से असामान्य होते जा रहे हैं।



Question 15.

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

सभी क्रियाएँ इतनी गरिमापूर्ण ढंग से कीं कि उसकी हर भंगिमा से लगता था मानो जयजयवंती के सुर गूँज रहे हों।


Answer:

यह पंक्ति चाजीन द्वारा चाय तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में है। चाजीन हर काम को एक तयशुदा विधि से बड़ी दक्षता के साथ कर रहा था। उसके हर क्रियाकलाप में इतना अच्छा तालमेल था कि लगता था मानो मधुर संगीत बज रहा हो। यहाँ पर लेखक ने राग जयजयवंती का उदाहरण इसलिए दिया क्योंकि यह राग कुछ मुश्किल रागों में से है जिसपर महारत हासिल करने में संगीतकार को वर्षों लग जाते हैं।




Bhasha Adhyayan
Question 1.

नीचे दिए गए शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए-

व्यावहारिकता, आदर्श, सूझबूझ,विलक्षण,शाश्वत।


Answer:

व्यावहारिकता − दादाजी की व्यावहारिकता सीखने योग्य है।


आदर्श − आज के युग में गाँधी जैसे आदर्शवादिता की ज़रूरत है।


सूझबूझ − उसकी सूझबूझ ने आज मेरी जान बचाई।


विलक्षण − महेश की अपने विषय में विलक्षण प्रतिभा है।


शाश्वत − सत्य, अहिंसा मानव जीवन के शाश्वत नियम हैं।



Question 2.

लाभ-हानि’ का विग्रह इस प्रकार होगा-लाभ और हानि-

यहाँ द्वंद्व समास है जिसमें दोनों पद प्रधान होते हैं। दोनों पदों के बीच योजक शब्द का लोप करने के लिए योजक-चिह्न लगाया जाता है। नीचे दिए गए द्वंद्व समास का विग्रह कीजिए-



Answer:



Question 3.

नीचे दिए गए विशेषण शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनाइए-



Answer:



Question 4.

नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित अंश पर ध्यान दीजिए और अर्थ को समझिए-

(क) शुद्ध सोना अलग है।

(ख) बहुत रात हो गई अब हमें सोना चाहिए।

ऊपर दिए गए वाक्यों में ‘सोना’ का क्या अर्थ है?

पहले वाक्य में ‘सोना’ का अर्थ है-एक प्रकार की धातु यानी ‘स्वर्ण’। दूसरे वाक्य में ‘सोना’ का अर्थ है- ‘सोना’ नामक क्रिया। अलग-अलग संदर्भों में ये शब्द अलग अर्थ देते हैं अथवा एक शब्द के कई अर्थ हैं। ऐसे शब्द कहलाते हैं। नीचे दिए गए शब्दों के भिन्न-भिन्न अर्थ स्पष्ट करने के लिए उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए

उत्तर, कर, अंक, नग।


Answer:



Question 5.

नीचे दिए गए वाक्यों को संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए-

(क) 1- अँगीठी सुलगायी।

2- उस पर चायदानी रखी।

(ख) 1- चाय तैयार हुई।

2- उसने वह प्यालों में भरी।

(ग) 1- बगल के कमरे से जाकर कुछ बरतन ले आया।

2- तौलिए से बरतन साफ़ किए।


Answer:

(क) अँगीठी सुलगायी और उस पर चायदानी रखी।


(ख) चाय तैयार हुई और उसने उसे प़्यालो में भरी।


(ग) बगल के कमरे से जाकर कुछ बरतन ले आया और तौलिए से बरतन साफ़ किए।



Question 6.

नीचे दिए गए वाक्यों से मिश्र वाक्य बनाइए-

(क) 1- चाय पीने की यह एक विधी है।

2- जापानी में उसे चा-नो-यू कहते हैं।

(ख) 1- बाहर बेढब-सा एक मिट्टी का बरतन था।

2- उसमें पानी भरा हुआ था।

(ग) 1- चाय तैयार हुई।

2- उसने वह प्यालों में भरी।

3- फिर वे प्याले हमारे सामने रख दिए।


Answer:

(क) चाय पीने की यह ऐसी विधि है जिसे जापानी में चा-नो-यू कहते हैं।


(ख) बाहर ऐसा बेढब-सा एक मिट्टी का बरतन था जिसमें पानी भरा हुआ था।


(ग) जैसे ही चाय तैयार हुई वैसे ही प्यालों में भरकर हमारे सामने रख दी।